श्रीराधिका गिरिधारी★

 
श्रीराधिका गिरिधारी★
Ce Stamp a été utilisé 5 fois
★मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई★★जाके सिर मोर मुकुट मेरो पति सोई★★तात मात भ्रात बंधु आपनो न कोई★★छांडि दई कुलकी कानि कहा करिहै कोई★★संतन ढिग बैठि बैठि लोकलाज खोई★★चुनरी के किये टूक ओढ़ लीन्ही लोई★★मोती मूंगे उतार बनमाला पोई★★अंसुवन जल सीचि सीचि प्रेम बेलि बोई★★अब तो बेल फैल गई आंणद फल होई★★दूध की मथनियाँ बड़े प्रेम से बिलोई★★माखन जब काढ़ि लियो छाछ पिये कोई★★भगति देखि राजी हुई जगत देखि रोई★★दासी मीरा लाल गिरधर तारो अब मोही★
Balises:
 
shwetashweta
Chargé par: shwetashweta

Noter cette image:

  • Actuellement 4.6/5 étoiles.
  • 1
  • 2
  • 3
  • 4
  • 5

10 Votes.